हाथरस। 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मुरसान टीयू के उच्च जोखिम वाले गांव टुकसान में विशेष खोज एवं जांच अभियान चलाया गया। शिविर में हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन के माध्यम से उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की टीबी जांच की गई तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।शिविर के दौरान रक्तचाप, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन और बीएमआई सहित विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार के प्रति जागरूक किया।अभियान में टीबी हेल्थ विजिटर, एक्सरे टेक्नीशियन अर्पित सिंह, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शुभम यादव, आशा कार्यकर्ता लज्जावती और पिंकी तथा ग्राम प्रधान मुकेश कुमार सहित स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। इस दौरान टीबी चैम्पियन रीमा ने अपने अनुभव साझा करते हुए लोगों से टीबी की जांच कराने और सरकारी अस्पतालों से निःशुल्क उपचार लेने की अपील की।स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि लगातार खांसी, बलगम में खून आना, बुखार, सीने में दर्द, वजन कम होना, रात में पसीना आना या शरीर में गांठ जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल सरकारी अस्पताल में जांच करानी चाहिए। अभियान का उद्देश्य टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।
