हाथरस। श्री कृष्ण गौशाला सेवा समिति के तत्वावधान में श्री कृष्ण गौशाला परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस पर श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्मिकता का रसास्वादन किया। प्रवचनों ने श्रोताओं को ईश्वर भक्ति के लिए प्रेरित किया।
कथा व्यास डॉ. गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ‘मनु महाराज’ ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह कथा मानव जीवन को सदाचार, भक्ति और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करती है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम जप, कथा श्रवण और सत्संग से बढ़कर कोई साधन नहीं है।
कथा के दौरान नारद एवं सनकादिक ऋषियों के संवाद का वर्णन करते हुए भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। व्यास जी ने कहा कि भगवान के प्रति समर्पण भाव रखने से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
कथा के उपरांत भगवान की आरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। इसके बाद सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर वैष्णवाचार्य उपेन्द्र नाथ चतुर्वेदी के सानिध्य में दीपेश अग्रवाल, राकेश बंसल, अवध बिहारी अग्रवाल, प्रेम नारायण, बाल गोविंद अग्रवाल, आनंद गोयल, प्रदीप राजगढ़िया, अतुल श्याम शर्मा, गोपाल कृष्ण शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजक श्री कृष्ण गौशाला सेवा समिति ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए आगामी कथा प्रसंगों में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
