हाथरस। गौशाला रोड स्थित श्रीकृष्ण गौशाला में श्याम गंगा इंडस्ट्रीज़ एवं श्याम गंगा एंटरप्राइजेज द्वारा आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के छठे दिन आचार्य वल्लभ जी महाराज ने गोपी गीत, महारास लीला, उद्धव-गोपी संवाद एवं भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का अत्यंत भावपूर्ण एवं रसपूर्ण वर्णन किया। कथाव्यास ने कहा कि गोपी गीत केवल विरह का गीत नहीं, बल्कि जीवात्मा की परमात्मा के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। ब्रज की गोपियों ने अपने निष्काम, निस्वार्थ और अखंड प्रेम से यह सिद्ध कर दिया कि भगवान केवल प्रेम के वश में होते हैं।
महारास लीला का वर्णन करते हुए आचार्य ने कहा कि रास पंचाध्यायी श्रीमद्भागवत का हृदय है। महारास कोई लौकिक घटना नहीं, बल्कि जीव और परमात्मा के दिव्य मिलन का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण प्रत्येक भक्त के हृदय में विराजमान होकर उसे अपनी भक्ति का आनंद प्रदान करते हैं। उन्होंने उद्धव-गोपी संवाद का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने उद्धव जी को ब्रज भेजा, तब गोपियों की अनन्य भक्ति को देखकर उद्धव जी भी भावविभोर हो गए। उन्होंने अनुभव किया कि ज्ञान, योग और वैराग्य से भी श्रेष्ठ भगवान के चरणों में निष्काम प्रेम और भक्ति है, यही श्रीमद्भागवत का सार है।
कथा के अंतिम चरण में भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह का अत्यंत भव्य एवं आनंदमय वर्णन किया गया। कथा पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की सुंदर झाँकी सजाई गई। मंगलगीतों, शंखनाद एवं जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं ने विवाह उत्सव का आनंद लिया।
आयोजन समिति के गोविंद बल्लभ ने बताया कि 24 जुलाई गुरुवार को कथा के अंतिम दिवस सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, श्रीमद्भागवत महापुराण की विदाई एवं श्रीशुकदेव पूजन का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर गोविंद बल्लभ, अजय अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल, अमित अग्रवाल, आयुष्मान बंसल, कुशाग्र बंसल, तजवंत कालरा, उमाशंकर जैन, अनूप जैन, अमित जैन, गगन जैन, यतीश जैन, हिमांशु जैन, अनूप अग्रवाल, श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया), अतुल अग्रवाल (हींग वाले), पंकज खंडेलवाल एवं राकेश बंसल (हींग वाले) सहित सभी व्यवस्थापक मंडल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
