हाथरस। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित अपने कक्ष में मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना एवं उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष योजना की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र मत्स्य पालकों को इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिले, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त किए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि 31 जुलाई, 2026 तक प्राप्त सभी आवेदनों का पात्रता के आधार पर चयन एवं परीक्षण समय से पूरा करें और अंतिम तिथि से पहले जिला स्तरीय समिति द्वारा उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना में सीएम डैशबोर्ड पर ‘ए’ ग्रेड प्रगति हासिल करने के लिए विशेष प्रयास करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में प्रभारी सहायक निदेशक मत्स्य एवं सचिव गिरीश चन्द्र ने बताया कि दोनों योजनाओं के अंतर्गत विभागीय पोर्टल पर 16 जुलाई से 31 जुलाई, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। वर्ष 2026-27 के अंतर्गत ग्राम सभा द्वारा सुधारे गए तालाबों में प्रथम वर्ष निवेश योजना के 1.401 हेक्टेयर के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 11 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 8.446 हेक्टेयर है। वहीं मत्स्य बीज बैंक स्थापना योजना में 0.275 हेक्टेयर के लक्ष्य के सापेक्ष एक आवेदन 0.369 हेक्टेयर क्षेत्रफल का प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि ये आवेदन पूर्व में 8 जून से 28 जून, 2026 तक खुले पोर्टल के माध्यम से आए थे। इसके अलावा मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, निषादराज बोर्ड सब्सिडी योजना, सघन मत्स्य पालन हेतु एयरेशन सिस्टम स्थापना योजना तथा उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष योजना (मोपेड विद आइस बॉक्स) के लिए भी इसी अवधि में आवेदन मांगे गए हैं, लेकिन इनमें अभी तक कोई आवेदन नहीं आया है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित, अग्रणी जिला प्रबंधक केनरा बैंक राजीव कुमार, सिंचाई विभाग के प्रतिनिधि सहायक अभियंता वीरेन्द्र सिंह, उप कृषि निदेशक के प्रतिनिधि निवास पचौरी, प्रगतिशील मत्स्य पालक मुनेन्द्र तुरैहा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
