हाथरस। आध्यात्मिक चेतना, सद्भाव और मानवता के अद्वितीय संगम के रूप में स्थापित संत तुलसी साहिब आश्रम अपने 183वें वार्षिकोत्सव पर एक भव्य आयोजन का साक्षी बना। त्रिदिवसीय कार्यक्रमों के अंतर्गत आश्रम परिसर में देश-विदेश से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं सत्संगियों की उपस्थिति में भव्य सत्संग एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आश्रम का वातावरण भक्तिमय हो उठा, जहाँ भजन, कीर्तन और प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सदर विधायक अंजुला माहौर ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संतों की वाणी समाज को सत्य, प्रेम, सेवा और मानवता का मार्ग दिखाती है। संत तुलसी साहिब महाराज की शिक्षाएं आज भी हमें आध्यात्मिक चेतना एवं सद्भाव का संदेश दे रही हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। विधायक ने इस दौरान वर्तमान गद्दीधर महंत आचार्य गुरलोचन दास महाराज को पीत वस्त्र अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कांग्रेस कोऑर्डिनेटर एवं पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि भारत संतों और महापुरुषों की तपोभूमि रहा है। संत तुलसी साहिब महाराज ने मानव मात्र को प्रेम, सद्भाव और आत्मज्ञान का संदेश दिया। उनके विचार समाज को एकता, भाईचारे और नैतिक मूल्यों की ओर प्रेरित करते हैं।

इससे पूर्व महंत आचार्य गुरलोचन दास महाराज ने सदर विधायक को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आशुकवि अनिल बोहरे ने किया। इस अवसर पर आश्रम से जुड़े संत-महात्मा, गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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