हाथरस। प्रकृति का कहर किसानों पर इस कदर टूटा कि खेतों में लहलहाती फसलें मटियामेट हो गईं। तामसी, सलेमपुर सहित सादाबाद क्षेत्र के कई गांवों में हुई मूसलाधार बारिश और भयानक ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खड़ी फसलें पूरी तरह से चौपट हो गईं, जिससे किसान परिवारों के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही है।
इस नुकसान का जायजा लेने के लिए भारतीय किसान यूनियन (चौधरी चरण सिंह) के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने सोमवार को प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने किसानों के बीच जाकर बर्बाद हुई गेहूं, सरसों व अन्य फसलों का बारीकी से निरीक्षण किया। खेतों में पड़े बिखरे दानों और टूटी बालियों को देख उन्होंने गहरी चिंता जताई।
इस दौरान उनके साथ तहसीलदार हेमंत चौधरी व भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने तहसीलदार से तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हुई हैं, उन्हें उचित और तत्काल मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसान की फसल ही उसकी जान है। अगर समय पर मुआवजा नहीं मिला तो किसान भारी संकट में आ जाएगा। सरकार जल्द से जल्द हर क्षतिग्रस्त खेत का मुआवजा दे।
इस मौके पर लोकेंद्र चौधरी, नागेंद्र कुमार दिवाकर, जयप्रकाश, अशोक, नेपाल, मुकेश कुमार चौधरी, विजय कुमार चौधरी, मुन्नालाल दिवाकर, हरविलास, विनोद चौधरी आदि उपस्थित थे।
