हाथरस। महिला थाना ने पारिवारिक विवादों व घरेलू झगड़ों के मामलों की काउंसलिंग कर पिछले कुछ समय में सैकड़ों परिवारों को टूटने से बचाया गया है। महिला थाना प्रभारी रितु तोमर ने बताया कि पिछले सात आठ माह में कुल 796 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 462 मामलों में दोनों पक्षों के बीच सफल समझौता करवाया जा चुका है। 158 मामले लंबित हैं, जबकि 166 मामलों में विधिक कार्रवाई पूरी कर दी गई है।

महिला थाना प्रभारी रितु तोमर ने बताया कि थाने पर रोजाना औसतन एक से दो मामले आते हैं, लेकिन कभी-कभी चार-पांच मामले भी पहुंच जाते हैं। उन्होंने बताया कि परामर्श केंद्र पर आने वाले अधिकांश मामलों में सास-बहू के तनाव, पति-पत्नी के बीच अनबन, मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को लेकर विवाद शामिल हैं। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी समस्या सुनी जाती है और आपसी सहमति से मामले का निपटारा करवाया जाता है।

रितु तोमर ने बताया कि जिन मामलों में समझौता होता है, उनकी निगरानी विशेष रूप से की जाती है। समझौते के बाद अगले दो महीनों में तीन बार फॉलो-अप किया जाता है, जिसके तहत हर 15 दिन पर पीड़िता या दोनों पक्षों को फीडबैक कॉल की जाती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि समझौते की शर्तों का पालन हो रहा है और पुनः कोई विवाद तो नहीं उत्पन्न हो रहा है।

थाना प्रभारी ने बताया कि शेष लंबित 158 मामलों में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें से कई ऐसे मामले हैं, जिनमें एक पक्ष के बार-बार न आने के चलते निपटारे में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में समझौता संभव नहीं हो पाता, उनमें विधिक कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके।

एक मामला ऐसा भी
थाना प्रभारी रितु तोमर ने बताया कि एक मामले में पत्नी के गुटखा खाने की आदत से परेशान पति ने परामर्श केंद्र में शिकायत की थी। परामर्श केंद्र पर पत्नी को बुलाकर समझाइश की गई तथा गुटखा खाने से होने वाली हानि के बारे में समझाया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि महिला के पति के अनुसार उक्त महिला ने अब गुटखा से तौबा कर ली है।

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