हाथरस। स्थानीय श्याम प्रेस कम्पाउंड स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन जारी है। कथा के छठे दिन व्यास गद्दी पर विराजमान कथाव्यास श्री राघव जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण व माता रुक्मणी के विवाह का अत्यंत सजीव व भावपूर्ण प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में डुबो दिया। रुक्मणी विवाह के इस पावन अवसर पर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और मंगल गीतों पर झूमने लगे। पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
इस धार्मिक उत्सव में नगर पालिका हाथरस के पूर्व अध्यक्ष पं आशीष शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। महाराज जी के मुखारविंद से सुनाई गई कथा हमें सिखाती है कि संसार के तमाम झंझावातों के बीच भी धर्म, धैर्य और भक्ति के मार्ग पर कैसे अडिग रहा जाता है। रुक्मणी विवाह का यह प्रसंग संदेश देता है कि जब जीव सच्चे मन से परमात्मा को अपना सर्वस्व मान लेता है, तो भगवान स्वयं दौड़कर आते हैं और उसका हाथ थाम लेते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आज के भौतिकवादी युग में, जहाँ इंसान दौड़-भाग और तनाव में जी रहा है, वहीं ऐसे धार्मिक आयोजन मन को शांति व समाज को नई दिशा देते हैं। मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सामाजिक समरसता के केंद्र हैं।
इस अवसर पर सुनील वार्ष्णेय, मुकेश बंसल, विजय सिंह, राजकुमार सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, डॉ राजेश गौतम, डॉ सुनील अग्रवाल, राकेश गौड़ व मदन गोपाल वार्ष्णेय उल्लेखनीय रूप से उपस्थित रहे। कथा के विश्राम पर भव्य आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया।
