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हाथरस। विद्युत विभाग द्वारा बिना उपभोक्ताओं की सहमति के पोस्टपेड मीटर हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने के मामले में पूर्व जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष अधिवक्ता अजय भारद्वाज ने जोरदार आवाज उठाई है। उन्होंने गुरुवार को प्रेसवार्ता कर बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र सौंपकर न्याय की मांग की।

प्रेस वार्ता में अजय भारद्वाज ने बताया कि उनके और उनकी पत्नी के नाम से जो पोस्टपेड मीटर लगे थे, उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा दिए गए। इस कार्रवाई के बाद से उन्हें लगातार बिजली कटौती और बिलिंग से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार बिजली गुल होने से घर का निर्माण कार्य ठप हो गया है  जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समय पर बिल की जानकारी न मिलना एक अलग मुसीबत बानी हुई है।

उन्होंने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का हवाला देते हुए कहा कि इस धारा के तहत उपभोक्ताओं को पोस्टपेड और प्रीपेड, दोनों विकल्पों का अधिकार है। बिना उपभोक्ता की सहमति के किसी भी मीटर को प्रीपेड मोड में नहीं बदला जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा इसी कानून की अनदेखी कर जबरन स्मार्ट मीटर थोपे जा रहे हैं। इससे सरकार की अच्छी योजना का गलत इस्तेमाल हो रहा है और उपभोक्ताओं में आक्रोश फैल रहा है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और जबरन लगाए गए स्मार्ट मीटरों को हटाकर उनके पोस्टपेड कनेक्शन बहाल करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अगर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे उच्च प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों का दरवाजा खटखटाएंगे।

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