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Hathras/हाथरस। ग्राम चिंतापुर में मानव कल्याण सामाजिक संस्था द्वारा प्रस्तावित वृद्धाश्रम, अनाथालय और आयुर्वेदिक अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता साफ कराने के लिए संस्था को विभिन्न विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद नहर की पटरी पर उगी झाड़ियों और घास की सफाई का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। संस्था ने रास्ते की सफाई कराने के साथ ही भविष्य में प्रस्तावित जनहितकारी परियोजना को देखते हुए वहां पक्की सड़क बनवाने की मांग की है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी सदर राज बहादुर को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने जनसेवा के उद्देश्य से ग्राम चिंतापुर स्थित अपनी लगभग पांच बीघा निजी भूमि संस्था को दान करने की घोषणा की है। इस भूमि पर बेसहारा बुजुर्गों, अनाथ बच्चों और पीड़ित महिलाओं के कल्याण के लिए आधुनिक वृद्धाश्रम, अनाथालय और आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित करने की योजना है। संस्था का कहना है कि इन सेवाओं के संचालन से जरूरतमंद लोगों को सहारा और मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

ज्ञापन में बताया गया है कि प्रस्तावित परियोजना तक पहुंचने वाला नहर की पटरी का रास्ता फिलहाल कच्चा है और झाड़ियों तथा अन्य अवरोधों से घिरा हुआ है। भविष्य में यहां बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों के आवागमन के साथ एंबुलेंस की आवाजाही भी होगी। ऐसे में संकरे और कच्चे रास्ते के कारण विशेषकर बारिश के मौसम में परेशानी हो सकती है। आपातकालीन चिकित्सा की स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। इसलिए रास्ते की तत्काल सफाई और स्थायी समाधान के रूप में पक्की सड़क का निर्माण जरूरी बताया गया है।

संस्था ने अधिकारियों से दान की जाने वाली कृषि भूमि का नियमानुसार भू-उपयोग परिवर्तन कर आबादी उपयोग की अनुमति देने तथा संबंधित विभागों से भवन का मानचित्र स्वीकृत कराने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने का भी आग्रह किया है। संस्था के अनुसार, पूरी परियोजना का निर्माण और संचालन जनसहयोग तथा अपने संसाधनों से किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन से वित्तीय सहायता नहीं मांगी गई है, बल्कि प्रशासनिक मार्गदर्शन और आवश्यक स्वीकृतियां उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

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