हाथरस। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं कासगंज कोऑर्डिनेटर चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि कल रात से उनके कैंप कार्यालय को पुलिस की निगरानी एवं बंदिशों में रखा गया है, फिर भी वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ लोकतंत्र, संविधान और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण धरने पर डटे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी आवाज़ को रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सत्य, संविधान और लोकतंत्र के प्रति हमारा संकल्प अटूट है। न हम झुके हैं, न झुकेंगे; न हम डरे हैं, न डरेंगे। पहरे हमारे कदम रोक सकते हैं, हमारे विचार और संघर्ष नहीं। लोकतंत्र में असहमति अपराध नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। धरना-स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “लोकतंत्र पर पहरा बंद करो, सच की आवाज़ को मुक्त करो”, “सवाल पूछना अपराध नहीं, लोकतंत्र में यह अधिकार सही”, “संविधान की शान बचाओ, लोकतंत्र को मत डराओ”, “शिक्षा मंत्री जवाब दो, युवाओं का हिसाब दो”, “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” आदि नारे लिखे हुए थे।
कल देर रात्रि धरने से पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान विक्रमादित्य की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में सीओ के मौके पर पहुंचने पर कांग्रेस की ओर से उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। बुधवार को भी चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के नेतृत्व में कार्यकर्ता शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से धरने पर बैठे हैं और छात्रों के हितों, संविधान तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं।
इस अवसर पर विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव जितेंद्र गौतम एडवोकेट, महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष वीना गुप्ता एडवोकेट, महिला जिला अध्यक्ष कृष्ण गुप्ता, शहर उपाध्यक्ष विनोद शर्मा, शशि गुरु, शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव पंडित अविनाश चंद्र पचौरी, अल्पसंख्यक विभाग के शहर अध्यक्ष मोहम्मद तोशीव, सतीश भाटिया, कपिल नरूला, संतोष उपाध्याय, पियूष अग्निहोत्री, अभिमेश गुप्ता सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
