हाथरस। गौशाला रोड स्थित श्रीकृष्ण गौशाला पर चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के तीसरे दिन कथाव्यास आचार्य वल्लभ महाराज ने ध्रुव चरित्र, महाराज पृथु, अजामिल, भक्त प्रह्लाद और भगवान नृसिंह अवतार की मनमोहक कथाओं से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
आचार्य ने ध्रुव की तपस्या का वर्णन करते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प और अटूट श्रद्धा से असंभव को भी पाया जा सकता है। महाराज पृथु के आदर्श शासन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा शासक वही है जो प्रजा के सुख-दुख को अपना समझे। अजामिल प्रसंग में उन्होंने बताया कि भगवान के नाम का स्मरण कभी व्यर्थ नहीं जाता, जबकि प्रह्लाद-नृसिंह कथा के माध्यम से सिखाया कि सत्य और धर्म की हमेशा जीत होती है, और ईश्वर भक्तों की रक्षा के लिए कोई भी रूप धारण कर सकते हैं।
पूरा गौशाला परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा था और वातावरण भक्ति रस से सराबोर रहा। आयोजन समिति के गोविंद बल्लभ ने बताया कि 21 जुलाई को कथा के चौथे दिन भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाए जाएंगे, जिसमें आकर्षक झांकियां व विशेष भजन-कीर्तन होंगे।
इस मौके पर गिरराज किशोर अग्रवाल, अजय अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल, अनुपम अग्रवाल, आयुष्मान बंसल, कुशाग्र बंसल, पंकज खंडेलवाल, गोविंद बल्लभ, श्यामसुंदर शर्मा, पवन अग्रवाल, डॉ. रघुकुल दुबे, शिवशंकर, अनुप अग्रवाल, प्रशांत बग्गा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे।
