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हाथरस। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण ट्रैकर ऐप पर शत-प्रतिशत एवं गुणवत्तापूर्ण फीडिंग सुनिश्चित की जाए और प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला को योजना का लाभ समयबद्ध रूप से मिले।

जिलाधिकारी ने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए प्रतिमाह गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा, ताकि प्रथम तिमाही में ही पंजीकरण कर उन्हें योजना से आच्छादित किया जा सके। उन्होंने समस्त सीडीपीओ को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों का नियमित सत्यापन करने के निर्देश दिए। आशा कार्यकत्रियां गर्भावस्था की शुरुआत से ही महिलाओं की पहचान कर उनका पोषण ट्रैकर पर पंजीकरण सुनिश्चित करें और एएनएम के साथ समन्वय स्थापित कर एनसीडी तिथि, टीकाकरण, आरसीएच नंबर सहित सभी आवश्यक विवरणों की सटीक ट्रैकिंग करें।

जिलाधिकारी ने पोषण ट्रैकर एवं आरसीएच पोर्टल के आंकड़ों का नियमित मिलान कर डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने को कहा और स्पष्ट किया कि पंजीकृत महिलाओं में से कितनी की पहचान प्रथम तिमाही में हुई है, इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने योजना के तहत लाभार्थियों के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न होने के निर्देश देते हुए कहा कि विलंब से लाभार्थियों की योजना के प्रति रुचि प्रभावित होती है।

उन्होंने प्रत्येक सीडीपीओ को एक ग्राम पंचायत चुनकर आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंकड़ों का मिलान कर सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा। योजना की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि निरंतर लापरवाही बरतने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर उन्हें सेवा से पृथक किए जाने की संस्तुति की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के समस्त पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण इसी माह के अंत तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, समस्त सीडीपीओ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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