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हाथरस। जनपद पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने सोशल मीडिया के जरिए ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर देश के कई राज्यों में सात करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गैंग के चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लोगों को तगड़ा मुनाफा दिखाकर बैंक खाते खुलवाए और उन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर अलग-अलग राज्यों से आई ठगी की रकम को लेयरिंग कर हड़प लिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर इस जटिल साइबर अपराध का पर्दाफाश किया।

पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक आशीष कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र की हाथरस शाखा के एक खाता में तमिलनाडु, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत विभिन्न राज्यों में हुए सात साइबर फ्रॉड की राशि आई थी। ये सभी शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज थीं, जिनमें तकरीबन 7.40 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। इस खाते में अकेले लगभग 80.88 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे, जो इसे म्यूल खाता साबित करता था। पुलिस ने खाताधारक सत्यवीर सिंह के खिलाफ थाना साइबर क्राइम पर मुकदमा दर्ज किया।

पूछताछ में आरोपी मनीष गौतम ने बताया कि वह लोगों को पैसों का लालच देकर बैंक खाते खुलवाता था और उन्हें दीपू एवं प्रदीप पुंदीर को उपलब्ध कराता था, जिसके एवज में उसे प्रत्येक खाते के दो लाख रुपये मिलते थे। मनीष ने ही सत्यवीर का महाराष्ट्र बैंक में करंट खाता खुलवाया था, जिसके लिए खाताधारक को मात्र 20 हजार रुपये दिए गए। खाता खुलवाने के लिए इटरनी गांव में जगदम्बा एंटरप्राइजेज नाम से फर्जी फर्म बनाई गई, जीएसटी नंबर लिया गया और खाते की लिमिट भी बढ़ाई गई। इस खाते में दो मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड कराए गए, जिनमें एक आरोपी अर्जुन और दूसरा शौकीन प्रयोग करता था। फर्जी ई-मेल आईडी भी बनाई गई, जिसे आरोपी आकाश ने अपने मोबाइल से रजिस्टर्ड किया। पुलिस ने सत्यवीर सिंह, अर्जुन सिंह, मनीष गौतम और आकाश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कई और म्यूल खातों का भी खुलासा हुआ है, जिनकी जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गैंग है और इसके अन्य सदस्यों की तलाश जारी है, साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस गैंग के ऊपर कोई बड़ा साइबर अपराधी तो नहीं है।

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