हाथरस। जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों पर गोवंशों के समुचित रख-रखाव एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा के साथ ग्राम पंचायत कैलोरा के अस्थाई गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण किया।
डीएम ने संरक्षित गोवंशों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हरे चारे, भूसे, पेयजल, टीनशेड, साफ-सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने गोवंशों के लिए बनाए गए पानी के टैंकों एवं चारा भंडारण व्यवस्था को देखा। उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए गोवंशों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ एवं ताजा पेयजल उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में गोवंशों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को गौ आश्रय स्थल पर नियमित साफ-सफाई कराने तथा गोवंशों के बैठने एवं चारा खाने के स्थान को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने गोवंशों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पशु चिकित्सकों की नियमित टीम भेजने तथा बीमार एवं कमजोर गोवंशों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशानुरूप गोवंश संरक्षण कार्य पूर्ण गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ किए जाएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने डीएम को बताया कि कैलोरा गौशाला में कुल 280 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं, जिनमें 80 नर एवं 200 मादा गोवंश शामिल हैं। उनकी देखरेख के लिए 7 केयर टेकर तैनात हैं। यहां 5 टीन शेड, चारा खाने के लिए 5 चरही एवं पानी पीने के हॉज (समरसेबिल संचालित) की व्यवस्था है। वर्तमान में 147 कुंतल भूसा उपलब्ध है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी हाथरस, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, सहायक खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्सक, ग्राम प्रधान आदि उपस्थित रहे।
