हाथरस। राष्ट्रीय विप्र एकता मंच ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कर्मचारी नेता पंडित आशीष शर्मा के तिलक पर की गई टिप्पणी के मामले में कार्रवाई न होने पर कड़ा विरोध जताया है।राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी ने अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि तिलक सनातन संस्कृति की परंपरा और स्वाभिमान का प्रतीक है। सनातन पर किसी भी प्रकार की चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पंडित आशीष शर्मा के तिलक पर टिप्पणी की घटना को तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यदि सात दिन के भीतर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो विश्वविद्यालय के गेट पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस धरना प्रदर्शन में प्रदेश के ब्राह्मण समाज के साथ संत समाज के लोग भी शामिल होंगे।
मित्रेश चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालय की कुलपति को पत्र लिखकर अल्टीमेटम दिया है कि तिलक पर टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को नौकरी से बर्खास्त कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंडित आशीष शर्मा को असिस्टेंट फाइनेंस ऑफिसर समीर मुरसिल खान ने तिलक लगाने से मना किया और विरोध करने पर कार्यालय में धमकाया। इस घटना को असंवैधानिक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सनातन के खिलाफ चल रही साजिश का हिस्सा है। शासन, प्रशासन और विश्वविद्यालय को निष्पक्ष होकर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पंडित आशीष शर्मा के साथ कोई अप्रिय घटना होती है या उनकी नौकरी पर कोई आंच आती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एएमयू प्रशासन की होगी। सात दिन के भीतर कार्रवाई न होने की स्थिति में आंदोलन किया जाएगा।
मित्रेश चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालय की कुलपति को पत्र लिखकर अल्टीमेटम दिया है कि तिलक पर टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को नौकरी से बर्खास्त कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंडित आशीष शर्मा को असिस्टेंट फाइनेंस ऑफिसर समीर मुरसिल खान ने तिलक लगाने से मना किया और विरोध करने पर कार्यालय में धमकाया। इस घटना को असंवैधानिक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सनातन के खिलाफ चल रही साजिश का हिस्सा है। शासन, प्रशासन और विश्वविद्यालय को निष्पक्ष होकर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पंडित आशीष शर्मा के साथ कोई अप्रिय घटना होती है या उनकी नौकरी पर कोई आंच आती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एएमयू प्रशासन की होगी। सात दिन के भीतर कार्रवाई न होने की स्थिति में आंदोलन किया जाएगा।
