हाथरस। विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समस्त ग्राम पंचायत सचिवों एवं सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लम्बित ऑडिट आपत्तियों, जल संचयन–जन भागीदारी, फैमिली आईडी, गौ आश्रय स्थलों की पूलिंग, डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण, आरआरसी केंद्रों की क्रियाशीलता, रेट्रोफिटिंग तथा केंद्रीय एवं राज्य वित्त आयोग से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश दिए कि 15 फरवरी 2026 तक शत-प्रतिशत फैमिली आईडी से संतृप्ति सुनिश्चित की जाए। वहीं जल संचयन–जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत 70 रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं 3200 सोक पिट निर्माण के लक्ष्य को 28 फरवरी 2026 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने ग्रामवासियों को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए सोक पिट एवं रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा ग्राम पंचायतों के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराने के निर्देश दिए।
गौ आश्रय स्थलों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने आवश्यकतानुसार नाडेप एवं वर्मी कम्पोस्ट पिट बनाकर जैविक खाद तैयार करने तथा स्वयं सहायता समूहों को जोड़ते हुए गोबर से उपले बनाकर विक्रय कराने के निर्देश दिए। साथ ही गौवंश के लिए हरे चारे, भूसा एवं दाने की पर्याप्त व्यवस्था हेतु ग्राम पंचायतों से 15 प्रतिशत पूलिंग की धनराशि तत्काल संबंधित ग्राम पंचायत के खाते में हस्तांतरित करने को कहा गया।
बैठक में सभी ग्राम पंचायतों में डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण कार्य सुनिश्चित करने एवं निर्मित आरआरसी केंद्रों को क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए। जनपद में स्थापित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र को प्रत्येक माह ई-रिक्शा के माध्यम से अपशिष्ट प्लास्टिक भेजने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने केंद्रीय एवं राज्य वित्त आयोग की धनराशि का 99 से 100 प्रतिशत वित्तीय व्यय करते हुए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर ए-प्लस ग्रेड प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी राकेश बाबू, जिला लेखा एवं परीक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
