हाथरस। सासनी तहसील क्षेत्र के ग्राम जगीपुर में सिंचाई विभाग की लापरवाही से करीब 30 गांवों का संपर्क टूट गया है। चौपाल सागर हाईवे से जुड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क को पुल निर्माण के नाम पर काटे जाने के बाद पिछले 15 दिनों से सभी काम ठप पड़े हैं, जिससे गांवों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। इससे स्थानीय लोगों में गुस्सा है और उन्हें अब 7 से 8 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर सासनी, हाथरस या अन्य जगहों पर जाना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों, अस्पताल जाने वाले मरीजों और अपनी फसल लेकर जाने वाले किसानों को झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग अलीगढ़ खंड के ठेकेदार ने नाले का पानी मोड़ने के लिए सड़क तो काट दी, लेकिन न तो पुल बनाने का काम शुरू किया और न ही लोगों के लिए कोई दूसरा रास्ता बनाया।
मौके पर सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो कोई चेतावनी का बोर्ड लगा है और न ही बैरिकेडिंग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रोजाना दोपहिया वाहन फिसलते रहते हैं और रात के अंधेरे में यह जगह राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
“पुलिया निर्माण से पहले ठेकेदार को वैकल्पिक मार्ग बनाना चाहिए था। बिना तैयारी के सड़क काटकर ग्रामीणों को मुसीबत में डाल दिया गया है।”
— अनिल कुमार जादौन, पूर्व प्रधान, जगीपुर
“इस मार्ग से हजारों लोग रोजाना सासनी और हाथरस जाते हैं। अब लंबा चक्कर लगाने से समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।”
— रामकिशन, निवासी वीर नगर
गांव दरकोला निवासी सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सड़क न होने से बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं, खोरना निवासी अजय कुमार रावत ने प्रशासन और ठेकेदार पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में जब ठेकेदार अंकुर कुमार से दूरभाष पर बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ तकनीकी कारणों से कार्य रुक गया था। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया है कि दो दिनों के भीतर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
