हाथरस। आगरा रोड स्थित श्री राधाकृष्ण कृपा भवन में ब्रज कला केंद्र की ओर से आयोजित आध्यात्मिक संध्या भक्ति और शक्ति के अनूठे संगम की गवाह बनी। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गणेश वंदना से हुआ, जिसके बाद पंडित विष्णु शर्मा और पंडित नगीना गुरु की जुगलबंदी ने समां बांध दिया। विभिन्न वाद्य यंत्रों की थाप पर सुंदरकांड के सस्वर पाठ ने पूरे सभागार को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। जैसे-जैसे पाठ आगे बढ़ा, श्रद्धालु भक्तिभाव में डूबते चले गए।
भक्तिमयी शाम के मध्य में गणेश, हनुमान, राधाकृष्ण और शिव के स्वरूपों की मनमोहक लीलाओं की प्रस्तुति दी गई। भजनों और कीर्तन पर श्रोताओं ने झूमकर आनंद लिया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एटा से पधारे एडीजीसी रविशंकर वार्ष्णेय, कार्यक्रम प्रभारी वीना गुप्ता, दिल्ली से आए क्षितिज जुगनू गुप्ता और संजीव जैन ने केक काटकर बधाई गीत का वाचन किया, जिस पर नारी शक्ति की भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया।
सुंदरकांड के उपरांत आयोजित आध्यात्मिक काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं से आध्यात्म की अविरल धारा बहाई। आशु कवि अनिल बौहरे, चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, कवयित्री मीरा दीक्षित, चाहत शर्मा और संजीव जैन नोएडा ने अपनी लेखनी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही जयप्रकाश पचौरी, श्याम बाबू चिंतन, प्रेम सिंह यादव, डॉ. उपेंद्र झा, पंडित हाथरसी और प्रदीप पंडित ने भी काव्य पाठ कर खूब वाहवाही लूटी।
इस अवसर पर दिल्ली से आईं मीनू गुप्ता, नीतू जैन और कीर्ति जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. अनु विमल, इंद्रा जायसवाल, अलका वार्ष्णेय, बाला शर्मा, रितु गौतम, हरिशंकर वर्मा और सुरेश चंद्र अग्रवाल सहित ब्रज कला केंद्र के तमाम पदाधिकारियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन आशु कवि अनिल बौहरे ने किया, जबकि संयोजन वीना गुप्ता व अध्यक्षता चंद्रगुप्त विक्रमादित्य द्वारा की गई। अंत में व्यापारी नेता सुरेश चंद्र अग्रवाल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
