हाथरस। राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के अध्यक्ष पंकज धवरैया का कंचन नगर स्थित अपने आवास के बाहर धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। वह यूजीसी बल एवं एससी-एसटी एक्ट के विरोध में इस धरने पर डटे हुए हैं। यह प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब तीन दिन पहले प्रशासन ने सवर्ण परिषद व अन्य संगठनों की हाथरस से दिल्ली तक की प्रस्तावित पदयात्रा पर रोक लगा दी थी और पदाधिकारियों को नजरबंद कर दिया था।
धरने में निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी शामिल हुए। वह पूरी रात मौके पर रुके रहे, हालांकि बाद में उन्होंने स्थल छोड़ दिया। धवरैया के मुताबिक, अग्निहोत्री संगठन के कामों से गए हैं और शाम तक वापस लौटकर धरने में शामिल हो जाएंगे।
इस दौरान कंचन नगर व आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा, जबकि खुफिया तंत्र भी अलर्ट पर बना रहा। पंकज धवरैया ने आरोप लगाया कि प्रशासन हिंदू सम्मेलनों को तो अनुमति दे रहा है, लेकिन उनकी शांतिपूर्ण पदयात्रा पर पाबंदी लगा दी गई। उन्होंने संघर्ष जारी रखने की बात कही।
धवरैया ने घोषणा की कि यह धरना फरवरी तक जारी रहेगा और उसके बाद इसे आमरण अनशन में तब्दील कर दिया जाएगा। उनकी मांग है कि या तो पदयात्रा की अनुमति दी जाए, या फिर प्रधानमंत्री से मुलाकात कराकर यूजीसी कानून वापस लेने तथा एससी-एसटी एक्ट समाप्त करने की उनकी मांग रखने का मौका दिया जाए।
