हाथरस। दाऊजी महाराज हिन्दू सम्मेलन समिति के तत्वावधान में मातृशक्ति द्वारा हिन्दू सम्मेलनों के जनजागरण के उद्देश्य से नगर में विशाल कलश यात्रा श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ निकाली गई। कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर राष्ट्रभक्ति और पारंपरिक गीतों की धुन पर नाचते-गाते चलती रहीं। भगवा पताकाएं लहराती रहीं और जय श्री राम, भारत माता की जय के नारों से वातावरण देशभक्ति मय हो गया।
कलश यात्रा पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय से प्रारंभ होकर घंटाघर, नजिहाई बाजार, मोती बाजार, नयागंज, चक्की बाजार, सर्कुलर रोड, कमला बाजार और रामलीला ग्राउंड होते हुए पुनः पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पर संपन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। भव्य रूप से सजी बग्घी में भारत माता के स्वरूप में सजी बाल कन्या आकर्षण का केंद्र रही, जहां-जहां यात्रा पहुंची वहां भारत माता की आरती उतारी गई।कलश यात्रा से पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ब्रजप्रान्त प्रचारक धर्मेन्द्र ने मातृशक्ति से हिन्दू सम्मेलनों में सहभागिता करने का आह्वान करते हुये कहा कि हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य समाज को जोड़ना, सांस्कृतिक मूल्यों को जाग्रत करना और आने वाली पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि सभ्य एव संस्कारित समाज निर्माण में मातृशक्ति का योगदान महत्वपूर्ण होता है। मातृशक्ति संस्कृति और परंपराओं की संरक्षक होने के साथ समाज को एक नई दिशा देती है। एकजुट कर सशक्त परिवार और समाज बनाती है। हम सभी अपनी जिम्मेदारी के लिये आगे बढ़कर आयेंगे तो निश्चित ही एक सांस्कारिक समाज के साथ सशक्त और विकसित राष्ट्र का निर्माण होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्ष दीप्ति वार्ष्णेय ने कहा कि नारी शक्ति समाज की रीढ़ है और ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं की सहभागिता और नेतृत्व क्षमता को नया आयाम मिलता है।
कार्यक्रम का संचालन सारिका बहन ने किया।
कलश यात्रा में महिला जनप्रतिनिधि विधायक सदर अंजुला सिंह माहौर , जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय ,पालिकाध्यक्ष स्वेता चौधरी , ब्लॉक प्रमुख हाथरस पूनम पांडेय ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।
इस अवसर पर रूमी अग्रवाल , ऋतु गौतम ,स्मृति पाठक , दीप्ति वार्ष्णेय ,प्रियंसी वार्ष्णेय , संध्या आर्य ,बबली चाहर , सारिका ,प्रगति कौशिक , अखिलेश गुप्ता ,पूनम सेंगर , दीक्षा कुशवाह , माधवी सिंह ,शालनी पाठक , उषा पाठक , कवियत्री मीरा दीक्षित , दिशा कुशवाह आदि काफी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही।
